Gandhi Jayanti Essay In English Hindi Marathi Gujarathi Languages-PDF Free download Long Speech



Essay On Gandhi Jayanti In English Language:

Gandhi Jayanti – A tribute to ‘Father of the Nation’ ➡

Gandhi Jayanti or Mahatma Gandhi Jayanti is observed every year as a national holiday to commemorate the birth of Mohandas Karamchand Gandhi (October 2, 1869 – January 30, 1948). His non-violence or satyagraha continues to influence political leaders and movements till date. The celebration and essence of Gandhi Jayanti is not restricted within India and also observed by the United Nations as the International Day of non-violence that aims to disseminate his philosophy, principle and believe in non-violence through proper education and public awareness.

Celebration of Gandhi Jayanti is also a moment to relive Mohandas Gandhi’s life and contribution in India’s Independence. Born in a small coastal town Porbandar in Gujarat, Gandhi married Kasturbai Makhanji at the age of 13. His childhood memories and experiences are vividly depicted by him in his autobiography My experiments with truth. Gandhi at the age of 18 went to England to study law and returned to India in 1915. After his homecoming, he led nationwide stir for achieving Sawaraj, abolition of social evils, empowering women rights and improving economic conditions of peasants and farmers. He further strengthened his movement against the British Raj and led Indians in protesting Dandi March Salt in 1930 that was later followed by the popular Quit India in 1942 calling British to leave India.

At Raj Ghat, New Delhi, and across India, people gather to observe Gandhi Jayanti in innovative ways that includes offering flowers on Gandhi’s pictures, statues and singing his favourite devotional song Raghupati Raghava Raja Ram.

Mahatma Gandhi Jayanti, is one of the three National Holidays of India aside from, Independence Day and Republic Day. Schools, colleges and other educational institutions, government and non-government organizations, shops and markets are all closed on this day.

To celebrate Gandhi Jayanti, nation-wide prayer meetings are organized and stories of Gandhi Ji and his role in the Indian Freedom Struggle are narrated. A special prayer ceremony is held at Gandhiji’s Memorial at Rajghat. His favorite Bhajan (Holy Song), Raghupati Raghav Raja Ram is played almost everywhere in his remembrance. This will be Gandhi Ji’s 145th birthday.
The government offices, banks, schools and post offices remain closed on Gandhi Jayanti to pay homage to ‘Father of the Nation’. Additionally, as a tribute to this great soul, the Indian government mint rupee notes and also issue postage stamp depicting Mahatma Gandhi’s photo.

Gandhi Ji was the epitome of peace, non-violence, truth and duty. He practiced everything he preached, the common people appreciated his beliefs and ideals during the struggle for independence, and by the end of it Gandhi Ji had the whole nation following in his footsteps, adopting his beliefs as theirs and spreading his words all through the nation. This love, respect and faith he got from the people of his country even got him the title “Father of the Nation”.

Mahatma Gandhi initiated some of the most important and historic movements during the struggle for Independence, one of the most important one in the history of Indian struggle for independence was the Satyagraha Movement. It was based on Gandhi’s belief that God is the Truth and Truth is God. The movement is best described as a silent force, that eliminates rivalries and bad blood, by not fighting back or being affected by others as that would only harm you, but instead, taking the moral high that would only purify you and bring you closer to the truth, which is God.

Some of the Freedom Movements initiated by Mahatma Gandhi were the Civil Rights Movement in South Africa, Ahimsa – Non-violence, Non-cooperation, Civil Disobedience, Khilafat Movement, Swaraj – Self Rule, Salt Satyagraha – Salt March and his opposition to Child Marriage, Untouchables, Purdah, Oppression of Hindu Widows and numerous other social causes that were a great concern.

The great scientist Albert Einstein said that in the coming centuries, the people will not be able to believe that Gandhi is also a great person on this earth ever was born. In fact, Mahatma Gandhi (Mahatma Gandhi) in his life, which several functions or uses, which can do a Hero! The truth is that Gandhi has not only guide the others, but the Gospels themselves first used.

Today, on the occasion of Gandhi Jayanti Gandhi, hero of the nation’s recall and give tribute.

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Essay On Gandhi Jayanti In Hindi Language:

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी

एक ही दिवस पर दो विभूतियों ने भारत माता को गौरवान्वित किया। गाँधी जी एवं लाल बहादूर शास्त्री जैसी अदभुत प्रतिभाओ का 2 अक्टूबर को अवतरण हम सभी के लिये हर्ष का विषय है। सत्य और अहिंसा के बल पर अंग्रेजों से भारत को स्वतंत्र करा करके हम सभी को स्वतंत्र भारत का अनमोल उपहार देने वाले महापुरूष गाँधी जी को राष्ट्र ने राष्ट्रपिता के रूप में समान्नित किया। वहीं जय जवान, जय किसान का नारा देकर भारत के दो आधार स्तंभ को महान कहने वाले महापुरूष लाल बहादुर शास्त्री जी ने स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधान मंत्री के रूप में राष्ट्र को विश्वपटल पर उच्चकोटी की पहचान दिलाई।

आज इस लेख में मैं आपके साथ राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी से सम्बंधित कुछ रोचक बातें साझा करने का प्रयास करुँगी|

भारत ही नही वरन पूरे विश्व पटल पर महात्मा गाँधी सिर्फ़ एक नाम नहीं अपितु शान्ति और अहिंसा का प्रतीक है। महात्मा गाँधी के पूर्व भी शान्ति और अहिंसा की अवधारणा फलित थी, परन्तु उन्होंने जिस प्रकार सत्याग्रह, शान्ति व अहिंसा के रास्तों पर चलते हुये अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया, उसका कोई दूसरा उदाहरण विश्व इतिहास में देखने को नहीं मिलता। तभी तो प्रख्यात वैज्ञानिक आइंस्टीन ने कहा था कि -‘‘हज़ार साल बाद आने वाली नस्लें इस बात पर मुश्किल से विश्वास करेंगी कि हाड़-मांस से बना ऐसा कोई इन्सान धरती पर कभी आया था।’’

संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी वर्ष 2007 से गाँधी ज्यन्ती को ‘विश्व अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाये जाने की घोषणा की।

मित्रों आज हम गाँधी जी की उस उप्लब्धी का जिक्र करने का प्रयास कर रहे हैं जो हम सभी के लिये गर्व का विषय है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी अहिंसा के बूते पर आजादी दिलाने में भले ही भारत के हीरो हैं लेकिन डाक टिकटों के मामले में वह विश्व के 104 देशों में सबसे बड़े हीरो हैं। विश्व में अकेले गांधी ही ऐसे लोकप्रिय नेता हैं जिन पर इतने अधिक डाक टिकट जारी होना एक रिकार्ड है। डाक टिकटों की दुनिया में गांधी जी सबसे ज़्यादा दिखने वाले भारतीय हैं तथा भारत में सर्वाधिक बार डाक-टिकटों पर स्थान पाने वालों में गाँधी जी प्रथम हैं। यहाँ तक कि आज़ाद भारत में वे प्रथम व्यक्ति थे, जिन पर डाक टिकट जारी हुआ। किन्तू एक दिलचस्प बात यह थी कि ज़िंदगी भर ‘स्वदेशी’ को तवज्जो देने वाले गांधी जी को सम्मानित करने के लिए जारी किए गए पहले डाक टिकटों की छपाई स्विट्जरलैंड में हुई थी। इसके बाद से लेकर आज तक किसी भी भारतीय डाक टिकट की छपाई विदेश में नहीं हुई।

गाँधी जी की शक्सियत का ही असर था कि, भारत को ग़ुलामी के शिकंजे में कसने वाले ब्रिटेन ने जब पहली दफ़ा किसी महापुरुष पर डाक टिकट निकाला तो वह महात्मा गांधी ही थे। इससे पहले ब्रिटेन में डाक टिकट पर केवल राजा या रानी के ही चित्र छापे जाते थे।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर सर्वाधिक डाक टिकट उनके जन्म शताब्दी वर्ष 1969 में जारी हुए थे। उस वर्ष विश्व के 35 देशों ने उन पर 70 से अधिक डाक टिकट जारी किए थे।

मित्रों, गाँधी जी ने सत्य को अपने जीवन में बचपन से ही अपनाया था। सत्य को परिलाक्षित करती उनकी एक बचपन की घटना याद आती है जब टीचर के कहने के बावजूद भी उन्होने नकल नही की। किस्सा यूँ है कि, एक बार- राजकोट के अल्फ्रेड हाई स्कूल में तत्कालीन शिक्षा विभाग के इंसपेक्टर “जाइल्स” मुआयना करने आए थे। उन्होने नवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अंग्रेजी के पाँच शब्द लिखने को दिये, जिसमें से एक शब्द था “केटल” मोहनदास इसे ठीक से नही लिख सके तो मास्टर साहब ने ईशारा किया कि आगे वाले लङके की नकल कर लो किन्तु मोहनदास ने ऐसा नही किया। परिणाम ये हुआ कि सिर्फ उनके ही लेख में गलती निकली सभी के पाँचो शब्द सही थे। जब मास्टर साहब ने पूछा कि तुमने नकल क्यों नही की तो मोहनदास ने ढृणता से उत्तर दिया कि “ऐसा करना धोखा देने और चोरी करने जैसा है जो मैं हर्गिज नही कर सकता”। ये घटना इस बात का प्रमाण है कि गाँधी जी बचपन से ही सत्य के अनुयायी थे। राजा हरिश्चन्द्र और श्रवण कुमार का असर उन पर बचपन से ही था।

ऐसे सत्य और अहिंसा के पूजारी को निम्न पंक्तियों से नमन करते हैं-

“दे दी हमें आजादी खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल”


अनिता शर्मा

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Essay On Gandhi Jayanti In Marathi Language:

गांधी जयंती – ‘राष्ट्र पिता’ यांना समर्पित

(- जानेवारी 30, 1948 ऑक्टोबर 2, इ.स. 1869) गांधी जयंती किंवा महात्मा गांधी जयंती मोहनदास करमचंद गांधी जन्म वर्षगाठीच्या राष्ट्रीय सुट्टी म्हणून दरवर्षी साजरा केला जातो. त्याच्या अहिंसा किंवा सत्याग्रह तारखेपर्यंत राजकीय नेते आणि हालचाली प्रभाव आहे. गांधी जयंती साजरा आणि सार भारत आत निर्बंधित आणि देखील त्याच्या तत्त्वज्ञान, तत्त्व फैलाव करण्यास आणि योग्य शिक्षण आणि जनजागृती माध्यमातून अहिंसा विश्वास करते की अहिंसा आंतरराष्ट्रीय दिन म्हणून संयुक्त राष्ट्र करून साजरा नाही.

गांधी जयंती साजरा देखील भारताच्या स्वातंत्र्य मध्ये मोहनदास गांधी यांच्या जीवन आणि अंशदान पहिलीच एक क्षण आहे. गुजरात मध्ये एक लहान सागरी किनारपट्टी शहर पोरबंदर मध्ये जन्मलेल्या गांधी सत्य त्याच्या आत्मचरित्र त्याच्या बालपण आठवणी आणि अनुभव स्पष्टपणे त्याला करून चित्रण 13 वयाच्या माझे प्रयोग Kasturbai Makhanji लग्न. 18 वयाच्या गांधी कायद्याच्या अभ्यासासाठी इंग्लंडला गेले आणि त्याच्या homecoming, तो peasants आणि शेतकरी आर्थिक परिस्थिती, Sawaraj, सामाजिक गोष्टी शुद्ध नाहीसा साध्य महिला अधिकार सबलीकरणासाठी आणि सुधारणा करण्यासाठी राष्ट्रीय नीट ढवळून नेतृत्व केल्यानंतर 1915. मध्ये भारतात परत. ते पुढे नंतर लोकप्रिय त्यानंतर भारत सोडून ब्रिटिश कॉलिंग 1942 मध्ये भारत छोडो होते की 1930 मध्ये दांडी यात्रेचा मीठ आंदोलन मध्ये ब्रिटिश राज आणि नेतृत्वाखालील भारतीय विरुद्ध त्याच्या चळवळ मजबूत केला.

राज घाट, नवी दिल्ली, आणि संपूर्ण भारतातील वेळी, लोक त्याच्या आवडत्या भक्ती गाणे Raghupati गावात राजा राम गांधी चित्रे, पुतळे वर फुलं अर्पण आणि गायन याचा समावेश होतो की नवीनतम मार्गांनी गांधी जयंती देखणे गोळा.

महात्मा गांधी जयंती, स्वातंत्र्य दिन आणि प्रजासत्ताक दिन, पासून बाजूला भारतातील तीन राष्ट्रीय सुट्टीच्या एक आहे. शाळा, महाविद्यालये आणि इतर शैक्षणिक संस्था, सरकार आणि गैर सरकारी संस्था, दुकाने आणि मार्केट सर्व या दिवशी बंद आहेत.

गांधी जयंती साजरी करण्यासाठी, राष्ट्र वाइड प्रार्थना सभा आयोजित आहेत आणि गांधी जी व भारतीय स्वातंत्र्य चळवळीत त्याच्या भूमिका कथा निवेदक आहेत. एक विशेष प्रार्थना समारंभ ह्या तलावा मध्ये राजघाट येथे गांधीजी च्या स्मारक येथे आयोजित आहे. त्याच्या आवडत्या भजन (पवित्र गीत), Raghupati राघव राजा राम त्याच्या आठवण जवळजवळ सर्वत्र खेळला आहे. या गांधी जी चे 145th वाढदिवस असेल.
सरकारी कार्यालये, बँका, शाळा आणि पोस्ट कार्यालये ‘राष्ट्र पिता’ ला सत्कारणे गांधी जयंती वर बंद राहतील. याच्या व्यतिरीक्त, या महान आत्मा यांना समर्पित म्हणून, भारतीय सरकारने मिंट रुपया नोट्स आणि महात्मा गांधी यांच्या फोटो दर्शन टपालाचे तिकीट जारी.

गांधी जी शांती, अहिंसा, सत्य आणि कर्तव्य च्या योजना होती. तो सामान्य लोकांना स्वातंत्र्य चळवळीत दरम्यान त्याच्या समजुती आणि आलेले कौतुक, उपदेश केला सर्वकाही सराव केला, आणि तो अखेरीस गांधी जी, त्याच्या footsteps पुढील समर्थकांना म्हणून त्याच्या समजुती स्विकारण्यात आणि राष्ट्र माध्यमातून त्याचे सर्व शब्द प्रसार संपूर्ण राष्ट्र होते . तो त्याच्या देशाच्या लोकांना मिळाले हे प्रेम, आदर आणि विश्वास अगदी त्याला शीर्षक “राष्ट्र पिता ‘आला.

महात्मा गांधी स्वातंत्र्य चळवळीत दरम्यान सर्वात महत्त्वाचे आणि ऐतिहासिक हालचाली काही पुढाकार, स्वातंत्र्य भारतीय संघर्षाची इतिहासातील सर्वात महत्वाचे एक एक सत्याग्रह चळवळ होते. तो देव सत्य आहे आणि सत्य आहे की गांधी च्या समज आधारित होती. चळवळ फक्त आपण शुध्द करणे आणि जवळ करण्यासाठी तुम्हाला आणील असा नैतिक उच्च घेऊन, त्याऐवजी परत लढाई किंवा केवळ आपण हानी होईल म्हणून इतरांना प्रभावित होत नाही, परंतु करून, rivalries आणि वाईट रक्त काढून टाकते एक मूक शक्ती, म्हणून वर्णन केले आहे देव आहे जे सत्य.

अहिंसा, गैर सहकार्य, सविनय कायदेभंग, खिलाफत आंदोलन, स्वराज – – स्वत: नियम, मीठ सत्याग्रह – मीठ मार्च आणि बालविवाह त्याच्या विरोधी महात्मा गांधी केल्या स्वातंत्र्य आंदोलनाची काही दक्षिण आफ्रिका, अहिंसा मध्ये नागरी हक्क चळवळ होते , अस्पृश्य, बुरखा, हिंदू विधवा आणि एक चांगला चिंता होते की असंख्य इतर सामाजिक कारणे दडपशाही.

महान शास्त्रज्ञ अल्बर्ट आइनस्टाइन येत्या शतकात, लोक गांधी कधीही जन्म झाला या पृथ्वीवर एक महान व्यक्ती देखील आहे, असा करू शकणार नाही, असे ते म्हणाले. खरं तर, एक हिरो करू शकता जे त्याचे जीवन, अनेक कार्ये किंवा उपयोग जे मध्ये महात्मा गांधी (महात्मा गांधी)! सत्य गांधी यांनाच मार्गदर्शन नाही असे नाही, तर ही नावे स्वत प्रथम वापरला.

आज गांधी जयंती गांधी, राष्ट्राच्या आठवण्याचा नायक आणि कर देणे निमित्ताने.

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Essay On Gandhiji In Urdu Language:

گاندھی جینتی یا مہاتما گاندھی جینتی) موہن داس کرم چند گاندھی کی پیدائش کے موقع پر ایک قومی تہوار کے طور پر ہر سال منایا جاتا ہے. ان کے عدم تشدد یا ستیاگرہ تاریخ تک سیاسی رہنماؤں اور نقل و حرکت کو متاثر کرنے کے لئے جاری. گاندھی جینتی کے جشن اور جوہر بھارت کے اندر محدود اور بھی ان کے فلسفے، اصول بازی اور مناسب تعلیم اور عوامی بیداری کے ذریعے عدم تشدد میں یقین کرنے کے مقصد ہے کہ عدم تشدد کے بین الاقوامی دن کے طور پر اقوام متحدہ کی طرف سے نہیں منایا جاتا ہے.

گاندھی جینتی کے جشن نے بھارت کی آزادی میں موہن داس گاندھی کی زندگی اور شراکت relive کرنے کا وقت ہے. گجرات میں ایک چھوٹا سا ساحلی شہر پوربندر میں پیدا ہوا، گاندھی سچ کے ساتھ ان کی سوانح عمری میں ان کے بچپن کی یادیں اور تجربات vividly ہے اس کی طرف سے دکھائے جانے والے تاثر ہیں 13. سال کی عمر میں اپنے تجربات Kasturbai Makhanji شادی. 18 سال کی عمر میں گاندھی قانون کا مطالعہ کرنے کے لئے انگلینڈ گئے تھے اور ان کی واپسی، وہ کسانوں اور کسانوں کی اقتصادی حالات، Sawaraj، سماجی برائیوں کے خاتمے کے حصول خواتین کے حقوق کو بااختیار بنانے اور بہتر بنانے کے لئے ملک بھر میں ہلچل کی قیادت کے بعد 1915. میں بھارت سے واپس آئے. انہوں نے کہا کہ اس کے بعد ڈاؤن لوڈ، اتارنا کے بعد بھارت چھوڑنے کے لئے برطانوی بلا 1942 میں بھارت چھوڑو کیا گیا تھا کہ 1930 میں ڈانڈی مارچ نمک احتجاج میں برطانوی راج اور قیادت بھارت کے خلاف اپنی تحریک کو مضبوط.

راج گھاٹ، نئی دہلی، اور بھارت بھر میں، لوگوں کو ان کے پسندیدہ بکتی گیت سے Raghupati Raghava کی راجا رام گاندھی کی تصاویر، مجسمے پر پھول کی پیشکش کی اور گانا بھی شامل ہے کہ جدید طریقوں سے گاندھی جینتی مشاہدہ کرنے کے لئے جمع.

مہاتما گاندھی جینتی، یوم آزادی اور یوم جمہوریہ، سے ایک طرف بھارت کے تین قومی تعطیلات میں سے ایک ہے. اسکولوں، کالجوں اور دیگر تعلیمی اداروں، سرکاری اور غیر سرکاری تنظیموں، دکانوں اور مارکیٹوں کے تمام اس دن پر بند کر رہے ہیں.

گاندھی جینتی منانے کے لئے، ملک گیر نماز اجلاس منعقد کر رہے ہیں اور گاندھی جی اور بھارتی آزادی کی جدوجہد میں ان کے کردار کی کہانیاں بیان کر رہے ہیں. ایک خصوصی دعا کی تقریب راجگھاٹ پر گاندھی جی کی یادگار پر منعقد کی جاتی ہے. اس کا پسندیدہ بھجن (قرآن نغمہ کی)، سے Raghupati Raghav کی راجا رام یاد میں تقریبا ہر جگہ کھیلا جاتا ہے. یہ گاندھی جی کے 145th سالگرہ ہو جائے گا.
سرکاری دفاتر، بینکوں، اسکولوں اور دفاتر پوسٹ قوم کے والد کو خراج عقیدت پیش کرنے کے لئے گاندھی جینتی پر بند رہیں. اس کے علاوہ، اس عظیم روح کے لئے ایک خراج تحسین کے طور پر، بھارتی حکومت منٹ روپے کے نوٹ اور مہاتما گاندھی کی تصویر ظاہر ڈاک ٹکٹ جاری.

گاندھی جی امن، عدم تشدد، سچ اور ذمہ داری کا پرتیک تھا. انہوں نے کہا کہ عام لوگوں کی آزادی کے لئے جدوجہد کے دوران ان کے عقائد اور نظریات کی تعریف کی، تبلیغ سب کچھ مشق، اور اس کے آخر کی طرف سے گاندھی جی، ان کے نقش قدم میں مندرجہ ذیل ان کے طور پر ان کے عقائد اپنانے اور قوم کے ذریعے تمام ان کے الفاظ پھیلانے پوری قوم تھی . انہوں نے اپنے ملک کے عوام سے ہے یہ محبت، عزت اور ایمان بھی اس عنوان “قوم کا باپ” ہے. یہ اس کے خالص اقدار اور طریقوں کے لئے نہیں تھا اس نے جب، بھارت برطانوی راج سے آزادی حاصل نہیں ہوتا کے لئے آج تک اس عنوان سے خصوصی طور پر اس سے چپک.

مہاتما گاندھی آزادی کے لئے جدوجہد کے دوران سب سے اہم اور تاریخی تحریکوں کے کچھ شروع، آزادی کے لیے بھارتی جدوجہد کی تاریخ میں سب سے اہم ایک میں سے ایک ستیاگرہ تحریک تھی. یہ خدا سچ ہے اور حقیقت خدا ہے کہ گاندھی کے عقیدے پر مبنی تھا. تحریک سب صرف آپ ہی پاک اور قریب کرنے کے لئے آپ کو لے آئے گا کہ اخلاقی لے، اس کی بجائے واپس لڑنے یا صرف آپ کو نقصان پہنچانے کے طور پر دوسروں کی طرف سے متاثر کیا جا رہا ہے، لیکن نہیں کی طرف سے، دشمنیوں اور برے خون ختم ہے کہ ایک خاموش طاقت، کے طور پر بیان کیا جاتا ہے خدا ہے جو حقیقت،.

عدم تشدد، عدم تعاون، سول نافرمانی، خلافت تحریک، سوراج – – خود حکمرانی، نمک ستیاگرہ – نمک مارچ اور بچے کی شادی کی مخالفت مہاتما گاندھی کی طرف سے شروع آزادی تحریکوں کے کچھ جنوبی افریقہ، اہنسا میں شہری حقوق کی تحریک تھے ، اچھوت، پردہ، ہندو بیواؤں اور ایک بڑی تشویش تھی کہ متعدد دیگر سماجی وجوہات کی جبر.

عظیم سائنسدان البرٹ آئنسٹائن آنے صدیوں میں، لوگوں گاندھی کبھی پیدا ہوا تھا اس زمین پر ایک عظیم شخص بھی ہے کہ یقین کرنے کے قابل نہیں ہو گی. اصل میں، ایک ہیرو کے کر سکتے ہیں جس میں ان کی زندگی، کئی کام کرتا ہے یا استعمال کرتا ہے جس میں مہاتما گاندھی (مہاتما گاندھی)! سچ گاندھی صرف دوسروں کی رہنمائی نہیں ہے کہ، لیکن اناجیل خود سب سے پہلے استعمال کیا جاتا ہے.

آج، گاندھی جینتی گاندھی، ملک کی یاد کے ہیرو اور خراج تحسین پیش دینے کے موقع پر

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 Gandhi Jayanti Essay In Gujarati Language:

ગાંધી જયંતિ – ‘રાષ્ટ્રનું પિતા’ માટે એક શ્રદ્ધાંજલિ

ગાંધી જયંતિ કે મહાત્મા ગાંધી જયંતિ) મોહનદાસ કરમચંદ ગાંધી જન્મ ઉજવણી રાષ્ટ્રીય રજા તરીકે દર વર્ષે મનાવવામાં આવે છે. તેમના અહિંસા અથવા સત્યાગ્રહ તારીખ સુધી રાજકીય નેતાઓ અને હલનચલન અસર ચાલુ રહે છે. ગાંધી જયંતિ ની ઉજવણી અને સાર ભારત અંદર પ્રતિબંધિત અને તેના ફિલસૂફી, સિદ્ધાંત પ્રસાર અને યોગ્ય શિક્ષણ અને જાહેર જાગૃતિ દ્વારા અહિંસા માને છે ધ્યેય રાખે છે કે અહિંસા આંતરરાષ્ટ્રીય દિવસ તરીકે યુનાઇટેડ નેશન્સ દ્વારા અવલોકન નથી.

ગાંધી જયંતિ ઉજવણી પણ ભારતના સ્વતંત્રતા માં મોહનદાસ ગાંધી જીવન અને પ્રદાન relive માટે થોડો છે. ગુજરાતમાં નાના દરિયાઇ નગર પોરબંદર માં જન્મ, ગાંધી સત્ય સાથે પોતાની આત્મકથામાં તેમના બાળપણ યાદદાસ્ત અને અનુભવો vividly તેમના દ્વારા દર્શાવવામાં આવે છે 13 વર્ષની ઉંમરે મારા પ્રયોગો Kasturbai Makhanji લગ્ન કર્યા. 18 વર્ષની ઉંમરે ગાંધી કાયદો અભ્યાસ ઈંગ્લેન્ડ ગયા અને તેમના ફર્યાનો, તે ખેડૂતો અને ખેડૂતો આર્થિક સ્થિતિ, Sawaraj, સામાજિક evils ના નાબૂદી હાંસલ સ્ત્રીઓ અધિકારો સત્તા અને સુધારવા માટે રાષ્ટ્રીય જગાડવો દોરી પછી 1915 માં ભારત પરત ફર્યા. તેમણે વધુમાં પાછળથી લોકપ્રિય બાદ ભારત છોડી બ્રિટિશ ફોન 1942 માં ભારત છોડો હતું કે 1930 માં દાંડી માર્ચ મીઠું વિરોધ માં બ્રિટિશ રાજ અને દોરી ભારતીયો સામે ચળવળ મજબૂત.

રાજ ઘાટ, નવી દિલ્હી, અને સમગ્ર ભારતમાં ખાતે, લોકો તેમના પ્રિય ભક્તિ ગીત Raghupati રાઘવ રાજા રામ ગાંધીના ચિત્રો, મૂર્તિઓ પર ફૂલો ઓફર અને singing સમાવેશ થાય છે કે નવીન રીતે ગાંધી જયંતિ અવલોકન ભેગા થાય છે.

મહાત્મા ગાંધી જયંતિ, સ્વતંત્રતા દિવસ અને પ્રજાસત્તાક દિવસ, ઉપરાંત ભારતના ત્રણ રાષ્ટ્રીય રજાઓ છે. શાળાઓ, કોલેજો અને અન્ય શૈક્ષણિક સંસ્થાઓ, સરકારી અને બિન સરકારી સંસ્થાઓ, દુકાનો અને બજારો આ દિવસે બંધ હોય છે.

ગાંધી જયંતિ ઉજવણી, રાષ્ટ્ર વ્યાપી પ્રાર્થના બેઠકો યોજવામાં આવે છે અને ગાંધી જી અને ભારતીય સ્વતંત્રતા સંઘર્ષ તેની ભૂમિકા વાર્તાઓ સંભળાવી છે. ખાસ પ્રાર્થના સમારંભ રાજઘાટ પર ગાંધીજીનો મેમોરિયલ ખાતે યોજવામાં આવે છે. તેમના મનપસંદ ભજન (પવિત્ર સોંગ), Raghupati રાઘવ રાજા રામ પોતાની યાદ માં લગભગ દરેક જગ્યાએ રમાય છે. આ ગાંધી જી માતાનો 145th જન્મદિવસ હશે.
આ સરકારી કચેરીઓ, બેન્કો, શાળાઓ અને પોસ્ટ ઓફિસો ‘રાષ્ટ્રનું પિતા’ અંજલિ ચૂકવવા ગાંધી જયંતિ પર બંધ રહે છે. વધુમાં, આ મહાન આત્મા એક શ્રદ્ધાંજલિ તરીકે, પણ ભારત સરકારે ટંકશાળ રૂપિયો નોંધો અને મહાત્મા ગાંધીના ફોટો દર્શાવતી પોસ્ટેજ સ્ટેમ્પ બહાર પાડે છે.

ગાંધી જી શાંતિ, અહિંસા, સત્ય અને ફરજ ના સંક્ષેપ હતી. તેમણે સામાન્ય લોકો સ્વતંત્રતા માટે સંઘર્ષ દરમિયાન તેમની માન્યતાઓ અને આદર્શો પ્રશંસા, ઉપદેશ બધું પ્રેક્ટિસ, અને તે ના અંત સુધીમાં ગાંધી જી, તેના ફૂટસ્ટેપ્સ માં નીચેના ધેર તરીકે પોતાની માન્યતાઓ અપનાવવા અને રાષ્ટ્ર દ્વારા તેના બધા શબ્દો ફેલાવો સમગ્ર રાષ્ટ્ર હતું . તેઓ તેમના દેશના લોકો તરફથી મળી આ પ્રેમ, આદર અને વિશ્વાસ પણ તેને શીર્ષક “રાષ્ટ્રનું પિતા” મળી. તે તેના શુદ્ધ મૂલ્યો અને પદ્ધતિઓ માટે ન હોય તો તે હતી જ્યારે ભારતમાં બ્રિટિશ શાસન તેમના સ્વતંત્રતા મેળવી ન હોત માટે આજે સુધી આ શીર્ષક જ તેમને લાકડી.

મહાત્મા ગાંધી સ્વતંત્રતા માટે સંઘર્ષ દરમિયાન સૌથી મહત્વપૂર્ણ અને ઐતિહાસિક હલનચલન કેટલાક શરૂ, સ્વતંત્રતા માટે ભારતીય સંઘર્ષ ઇતિહાસમાં સૌથી મહત્વપૂર્ણ એક એક સત્યાગ્રહ ચળવળ હતી. તે ભગવાન સત્ય છે અને સત્ય ઈશ્વર છે કે ગાંધીના માન્યતા પર આધારિત હતી. આ ચળવળ શ્રેષ્ઠ માત્ર તમે શુદ્ધ અને નજીક માટે લાવશે કે નૈતિક ઊંચા લેવા, તેના બદલે પાછા લડાઈ અથવા તે માત્ર તમે નુકસાન થશે, કારણ કે અન્ય લોકો દ્વારા અસર કરવામાં આવી રહી છે, પરંતુ દ્વારા, હરિફાઇ અને ખરાબ લોહી દૂર કરે છે કે જે શાંત બળ, તરીકે વર્ણવવામાં આવે છે ભગવાન છે કે જે સત્ય,.

નોન હિંસા, બિન સહકાર, નાગરિક અસહકાર, Khilafat ચળવળ, સ્વરાજ – – સ્વ નિયમ, સોલ્ટ સત્યાગ્રહ – સોલ્ટ માર્ચ અને બાળ લગ્ન માટે તેમના વિરોધ મહાત્મા ગાંધી દ્વારા શરૂ ફ્રીડમ ચળવળો કેટલાક દક્ષિણ આફ્રિકા, અહિંસા માં નાગરિક અધિકાર ચળવળ હતા , અનટચેબલ્સ, પડદા, હિન્દૂ વિધવાઓ અને એક મહાન ચિંતા હતી કે અસંખ્ય અન્ય સામાજિક કારણો અત્યાચાર.

આ મહાન વૈજ્ઞાનિક આલ્બર્ટ આઈન્સ્ટાઈન આગામી સદીમાં, લોકો ગાંધી ક્યારેય થયો હતો આ પૃથ્વી પર એક મહાન વ્યક્તિ છે કે જે માને છે માટે સમર્થ હશે નહિં છે. હકીકતમાં, એક હીરો શું કરી શકો છો કે જે તેમના જીવન, કેટલાક કાર્યો અથવા ઉપયોગ કરે છે, માં મહાત્મા ગાંધી (મહાત્મા ગાંધી)! સત્ય ગાંધી માત્ર અન્ય માર્ગદર્શન નથી કે જે છે, પરંતુ ગોસ્પેલ્સ પોતાને પ્રથમ ઉપયોગ થાય છે.

આજે ગાંધી જયંતિ ગાંધી, દેશની રિકોલ ઓફ હીરો અને શ્રદ્ધાંજલિ આપી પ્રસંગે.

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Originally posted 2014-09-28 12:40:02.

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